सूरत की मशहूर डेयरी के मालिक की गिरफ्तारी: रोज़ना बेचते थे 1000 किलो नकली पनीर, जानिए पूरा मामला?
सूरत की मशहूर सुरभि डेयरी के पनीर के सैंपल फेल होने के बाद डेयरी संचालक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कुछ दिन पहले खटोदरा क्षेत्र स्थित सुरभि डेयरी से लिए गए पनीर के नमूने फूड एंड ड्रग्स विभाग की जांच में सब-स्टैंडर्ड और नकली पाए गए थे। इस खुलासे के बाद शहर के डेयरी उद्योग में हड़कंप मच गया है। खाने-पीने के लिए मशहूर सूरत में अब लोग मिलावट के डर से चिंतित हैं।
754 किलो पनीर किया गया जब्त
SOG पुलिस ने फूड एंड ड्रग्स विभाग के साथ मिलकर सुरभि डेयरी के गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान लगभग 700 किलो संदिग्ध पनीर बरामद किया गया। अन्य जगहों से मिले स्टॉक के साथ कुल 754 किलो नकली पनीर जब्त किया गया। यह पनीर होटल, रेस्टोरेंट और कई लारियों पर बेहद सस्ते दामों में सप्लाई किया जाता था, जिससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा था।
लैब रिपोर्ट में पनीर सब-स्टैंडर्ड साबित होने के बाद खटोदरा पुलिस स्टेशन में डेयरी संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य से छेड़छाड़, मिलावटी एवं नकली पदार्थ बेचने, और ठगी जैसे गंभीर आरोपों में कार्रवाई जारी है।
लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
कार्रवाई के दौरान डेयरी संचालक शैलेश पटेल को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे मालिक कौशिक पटेल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि सुरभि डेयरी रोजाना करीब 1000 किलो पनीर बाजार में सप्लाई करती थी, जिसमें बड़ा हिस्सा नकली या निम्न गुणवत्ता वाला था।
सुरभि डेयरी के मालिक की गिरफ़्तारी इस बात का संकेत है कि प्रशासन लोगों के स्वास्थ्य को लेकर कितना गंभीर है। हालाँकि, यह घटना सूरत के उपभोक्ताओं को बाज़ार से खाने-पीने की चीज़ें खरीदते समय ज़्यादा सावधानी बरतने और सिर्फ़ ब्रांडेड व विश्वसनीय स्रोतों से ही चीज़ें खरीदने की ज़रूरत पर भी ज़ोर देती है। नकली पनीर की इतनी बड़ी मात्रा इस बात का संकेत है कि यह धंधा कितने बड़े पैमाने पर चल रहा था।
200 किलोग्राम संदिग्ध पनीर
पुलिस ने कौशिकभाई पटेल के साथ कारखाने की तलाशी ली और 420 किलोग्राम संदिग्ध डिलाइट रेडीमेड मक्खन (मूल्य 58,800 रुपये), 600 लीटर संदिग्ध दूध (मूल्य 43,200 रुपये), 90 लीटर संदिग्ध तेल (मूल्य 13,509 रुपये) और 200 किलोग्राम संदिग्ध पनीर (मूल्य 4800 रुपये) पाया।
नकली पनीर बनाने के लिए ग्लेशियल एसिटिक एसिड का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इसके अलावा, पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाला रसायन, 'ग्लेशियल एसिटिक एसिड' (कीमत 490 रुपये) भी 7 लीटर बरामद किया गया। आशंका है कि इस एसिड का इस्तेमाल दूध को जल्दी फाड़कर पनीर बनाने के लिए किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। पुलिस ने दोनों इकाइयों (खटोदरा और सायण) से कुल 3,02,139 रुपये का माल जब्त किया।